घर पर लटके ताले देखकर लगता है कभी यहां भी मचलता जीवन रहा होगा सुबह नहाती चिड़ियों को देखकर लगता है कभी यहां दाना भरपूर रहा होगा बाज़ार में घूमते बैल देखकर लगता है कभी यहां कोई किसान रहा होगा घरों में जमी घास देखकर लगता है यहां कभी कोई मां रही होगी खिड़की पर बनी नक्काशियों को देखकर लगता है यहां किसी की प्रेमिका रही होगी ओखली देखकर लगता है यही कही पर किसी का दर्द आंखो से छलका होगा कांसे की थाली देखकर लगता है यहां से कोई भूखा नहीं गया होगा दाडिम, खुमानी और संतरे का पुराना पेड़ देखकर लगता है यही किसी पक्षी का घोसला भी रहा होगा पत्थरों से बना घर देखकर लगता है यहां कोई जीवन भर रहने के लिए आया होगा । Karan 24 Sep 2020