नमक किसी की दादी 25 मील दूर से नहीं आयी ना कोई बेटी बहुत दूर ब्याही गई इसलिए पहाड़ो में बहुत सी भाषाएँ बन गई कुछ शब्द अन्य जगहों से बिलकुल अलग बन गए जरा सोचो ऋषिकेश और हल्द्वानी से नमक लेकर आना अपनी पीठ पर 20-30 दिनों बाद घर पहुँचना शाम को गाँव की औरते घर से हर शाम को निकलती थी उजाले के लिए कुछ छीले लेकर ताकि गाँव के पास नमक लेकर आने वालों का स्वागत किया जा सके इस हालत में अपने आप को जिन्दा रखना और परिवार को जिन्दा रखना कितना मुश्किल रहा होगा हमारा जीन बहुत संघर्ष करके यहाँ तक पहुँचा 12 से 15 बच्चे पैदा करना उसमे से 5 से 6 बच्चों का बच पाना विधाता का खेल माना गया यह आम बात थी l जब 4 साल के बच्चे को छोटे भाई बहनों की रखवाली की पहली जिम्मेदारी मिली आज भी मिलती है घर के अन्दर बन्द बचपन अपनी माँ की राह देखता दिनभर छोटी बहन 10 बार रो-रो कर सो गयी दूसरा 4 बार पेशाब कर चुका है सलवार में और तुम दो बार कर चुके हो वही कोने पर घर के अन्दर कभी-कभी जाली से सीधे बाहर ताकि माँ को पता ना च...