घर पर लटके ताले देखकर लगता है कभी यहां भी मचलता जीवन रहा होगा सुबह नहाती चिड़ियों को देखकर लगता है कभी यहां दाना भरपूर रहा होगा बाज़ार में घूमते बैल देखकर लगता है कभी यहां कोई किसान रहा होगा घरों में जमी घास देखकर लगता है यहां कभी कोई मां रही होगी खिड़की पर बनी नक्काशियों को देखकर लगता है यहां किसी की प्रेमिका रही होगी ओखली देखकर लगता है यही कही पर किसी का दर्द आंखो से छलका होगा कांसे की थाली देखकर लगता है यहां से कोई भूखा नहीं गया होगा दाडिम, खुमानी और संतरे का पुराना पेड़ देखकर लगता है यही किसी पक्षी का घोसला भी रहा होगा पत्थरों से बना घर देखकर लगता है यहां कोई जीवन भर रहने के लिए आया होगा । Karan 24 Sep 2020
जब तक ये दौड़ चलती रहेगी हजारों को रुलाती रहेगी किसी का घोड़ा चने खाकर दौड़ेगा कोई भूखे दौड़ लगाएगा जब भी कोई असफल कहलायेगा असफलता हम सबकी बतलाएगा जब तक हम एक दूसरे से आगे निकलने के लिए दौड़ेंगे बहुत लोग पिछड़ जाएंगे पिछड़ने वालों में कभी आपका या आपके बच्चे का नाम भी होगा हम किससे आगे निकल रहे है और क्यों सब आगे क्यों नहीं निकाल सकते आखिर किसी का पिछड़ना ही आपकी सफलता क्यों है जय हिन्द Karan 25/09/2020