खुमारी
बड़ी मदमस्त खुमारी है तेरे इश्क में......
वक्त रुक जाता है या मै ही वक्त हो जाता हूँ l
तुम आज जिसे पागल समझ रहे हो
सिर्फ वही तो अपना पागलपन छोड़ सका है l
बड़ी मदमस्त खुमारी है !
तेरे इश्क में होश भी है और बेहोशी भी है
बड़ी मदमस्त खुमारी है !
तुम जिसे समझदारी समझ रहे हो ll
वह भी तेरी बेहोशी का एक और कारनामा है l
पीना है तो एक घूँट में तर हो जा -
बड़ी मदमस्त खुमारी है !
तू जिसकी तलाश में बेहोश है l
वह खुद तेरी तलाश में मदहोश है ll
इश्क की चासनी में खुरचन की तलाश तुझे भी है
प्यास को पीकर आजा और अभी डुबकी लगा l
बड़ी मदमस्त खुमारी है !
सावन का इन्तजार अब छोड़ दे !
तू ही सावन है यह भी जान ले l
बड़ी मदमस्त खुमारी है – तेरे इश्क में
मदहोशी का होश हो गयी - बड़ी मदमस्त खुमारी है –
Karan Singh 29th Jan 2018
good
ReplyDeleteक्या बात है, इश्क का खुरचन, स्वाद आ गया इश्क का ..... लिखते रहिये, इश्क करते रहिये
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